खामोशी की चीख

Hema Tiwari Bhatt

रचनाकार- Hema Tiwari Bhatt

विधा- कुण्डलिया

खामोशी की चीख में,सुन्न हुआ अब शोर
लगा रहे सब आंकलन,किसका होगा जोर
किसका होगा जोर,रहे भरमायी जनता
जनसेवक जो आज,वही कुर्सी पर तनता
कुर्सी वाले देखना,देवेंगे बस भीख
शोर में दब जायेगी,खामोशी की चीख
✍हेमा तिवारी भट्ट✍

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Hema Tiwari Bhatt
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लिखना,पढ़ना और पढ़ाना अच्छा लगता है, खुद से खुद का ही बतियाना अच्छा लगता है, राग,द्वेष न घृृणा,कपट हो मन में किसी के, दिल में ऐसे ख्वाब सजाना अच्छा लगता है

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