क्योंकि आँखे अक्सर धोखा दे देती हैं

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

रचनाकार- लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

विधा- कविता

आँखों देखी भी
अक्सर
झूठ हुआ करती हैं
आधा-अधूरा सच
या पूरा झूठ

कई बार
जैसा दिखता है
या दिखाया जाता है
सच में वैसा
होता नही है

तुम
जब भी कोई
कठिन निर्णय के दौर से गुजरो
असमन्जस में उलझो
तो जरूर
अपनी आँखों पर
विश्वास करने से पहले
सौ बार नहीं
हजार बार
अपने दिल
और
दिमाग की सुनना
अपनी अंतरात्मा से पूछना
फिर कोई निर्णय लेना

क्योंकि
आँखे अक्सर धोखा दे देती हैं

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
भोपाल

Views 115
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
Posts 57
Total Views 8k
मध्यप्रदेश में सहायक संचालक के पद पर कार्यरत...आई आई टी रुड़की से पी एच डी की उपाधि प्राप्त...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia