क्योंकि आँखे अक्सर धोखा दे देती हैं

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

रचनाकार- लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

विधा- कविता

आँखों देखी भी
अक्सर
झूठ हुआ करती हैं
आधा-अधूरा सच
या पूरा झूठ

कई बार
जैसा दिखता है
या दिखाया जाता है
सच में वैसा
होता नही है

तुम
जब भी कोई
कठिन निर्णय के दौर से गुजरो
असमन्जस में उलझो
तो जरूर
अपनी आँखों पर
विश्वास करने से पहले
सौ बार नहीं
हजार बार
अपने दिल
और
दिमाग की सुनना
अपनी अंतरात्मा से पूछना
फिर कोई निर्णय लेना

क्योंकि
आँखे अक्सर धोखा दे देती हैं

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
भोपाल

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लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
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मध्यप्रदेश में सहायक संचालक...आई आई टी रुड़की से पी एच डी...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....

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