क्या है किस्मत?

शिवदत्त श्रोत्रिय

रचनाकार- शिवदत्त श्रोत्रिय

विधा- लेख

किस्मत
क्या है, आख़िर क्या है किस्मत?
बचपन से एक सवाल मन मे है, जिसका जबाब ढूंड रहा हूँ|
बचपन मे पास होना या फेल हो जाना या फिर एक दो नंबर से अनुतीर्ण हो जाना, क्या ये किस्मत थी?
आपके कम पढ़ने के बाबजूद आपके मित्र के आपसे ज़्यादा नंबर आ जाना, क्या ये किस्मत थी?
स्कूल से लौटते हुए रास्ते मे कुछ पैसे सड़क पर मिल जाना और मित्रो को बताना, खुशी से पागल हो जाना, क्या ये किस्मत थी?क्लास मे सबसे प्रखर होने के, सभी प्रकार से मदो से दूर होने के बाबजूद कोई गर्लफ्रेंड ना होना, क्या ये किस्मत थी?

पर आज जब किस्मत को परिभाषित करना चाहता हूँ तो समझ नही आता क़ि इसे शब्दो मे कैसे वर्णित करूँ|

मेरे लिए तुम्हारी एक झलक ही तो किस्मत थी
जब तुम मुझे देख कर मुस्करा जाती थी, वो किस्मत थी
कुछ सपने इन आँखो ने सजाए थे, उन्हे साकार होते हुए देखना, किस्मत थी
जीवन के हर कदम पर, हर छोटे बड़े फ़ैसले पर मा-पिता का साथ मिला, ये किस्मत थी|

जब मे रास्ता भटक चुका था, चारो तरफ अंधेरा ही अंधेरा था, सभी दिशाए खो चुकी थी| तब तुम रोशनी की एक किरण बन कर मेरी पथ प्रदर्शक बनी, ये मेरे लिए किस्मत थी|
जब तुम्हे ढूंड-ढूंड कर थक चुका था, विश्वास, साहस, ज्ञान, विवेक, शील, विचार सब मेरा साथ छोड़ गये थे तब ये बोध होना क़ि तुम मुझमे ही निहित हो मेरी किस्मत ही थी||

मुझे जो भी दुख है, क्या वो वास्तव मे दुख है या फिर दुख के आवरण मे किसी कड़वी सच्चाई को छुपाने का प्रयास है| पर किसी भी झूट के आवरण मे छिपी हुई सच्चाई का अनुबोध होना ही वास्तव मे किस्मत थी||

Sponsored
Views 60
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
शिवदत्त श्रोत्रिय
Posts 48
Total Views 2.8k
हिन्दी साहित्य के प्रति रुझान, अपने विचारो की अभिव्यक्ति आप सब को समर्पित करता हूँ| ‎स्नातकोत्तर की उपाधि मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान से प्राप्त की और वर्तमान समय मे सॉफ्टवेर इंजिनियर के पद पर मल्टी नॅशनल कंपनी मे कार्यरत हूँ|| दूरभाष क्रमांक:- 9158680098 ईमेल :- shivshrotriya91@gmail.com

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia