क्या छोड़ आए हैं।

VEENA MEHTA

रचनाकार- VEENA MEHTA

विधा- कविता

बैठ पल दो पल उनकी,
पनाहों से जो आए हैं,
न जाने कितने ही,
हसीन ख्वाब,
उनकी आँखों में,
छोड़ आए हैं।

जब उठे थे,
उनके पहलू से,
साँसों में,
रवानगी साथ,
एक दीवानगी,
छोड़ आए हैं।

आने को कह कर,
बस उनके पास,
अपने इंतजार के,
लम्हें छोड़ आए हैं।

उनकी बाहों में सिमट,
कई सपने बुने,
जाते -जाते,
उन सपनों की,
निशानी छोड़ आए हैं।

नजर से नजर मिली,
कई जज्बात जागे,
उनकी साँसों में,
अपनी महक,
छोड़ आए हैं।

रचनाकार…..
(Veena pawan mehta)

Views 30
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
VEENA MEHTA
Posts 5
Total Views 204

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment