क्या कहे क्या करे

मानक लाल*मनु*

रचनाकार- मानक लाल*मनु*

विधा- कविता

🌲🌲क्या कहे क्या करे🌳🌳
कुछ बातों को न ही कहो तो मेरे तेरे सब लिए ये अच्छा है,,,,
ये तो तुझे भी मालूम है कि में कितना और तू कितना सच्चा है,,,,

बात हम दोनों के दरमियां है जबतक,,,,
ये समझ जहाँ की नजर में तू भी अच्छा है,,,,

मत कुरेद मेरे दिल के जख्मो को हरजाई,,,,
वरना हरशक्स कहेगा तू कितना टुच्चा है,,,,

मानते तो हम आज भी तुझे अपना ही है,,,,
तेरी हरकतों से पता चला कितना लुच्चा है,,,

तलबगारी भी गजब की दिखाते हो साब,,,
एक हाथ मे ख़ंजर एक मे फूलो का गुच्छा है,

मनु की बात हरकोई बुरा मान जाता है,,,,
क्या करे ये दिल हमारा अभी भी बच्चा है,,,,
मानक लाल मनु,,,,
सरस्वती साहित्य परिषद,,,,

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मानक लाल*मनु*
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सरस्वती साहित्य परिशद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,

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