कोई तो आज पूछो आकर ये मालियों से

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

कोई तो आज पूछो आकर ये मालियों से
कैसे बचायें उपवन अपना वो आँधियों से

मजबूत इसलिए ये रेशम की डोरियाँ हैं
इनका अटूट बंधन रहता है राखियों से

डर कर न मुश्किलों से यूँ हार मानना तुम
लेना सबक जरा तो इन नन्हीं चीटियों से

चढ़ सा नशा गया यूँ इन काफियों का हम पर
लेकर रदीफ़ दिल में फिरते हैं प्रेमियों से

ये सूर्य चाँद तारे भी खेलते गगन में
छिपने कभी निकलने का खेल बादलों से

मासूम बच्चियों को क्यों मारते हो बोलो
जीवन है 'अर्चना' जब हर घर में बेटियों से
डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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