कोई आने वाला है…………………

Er Dev Anand

रचनाकार- Er Dev Anand

विधा- कविता

जब हर लाल में
तुम्हें "बालगोपाल"
नजर आए
जब कोई बाल
कर रहा हो जिद्
खाने को
दही मक्खन और मलाई
आए मुस्कान सहज होठों.पर
देख उसकी चतुराई ।
जब चल रहा
हो लाला
घुटनों पै
और बज रही हो पायल
उसकी पैरन में
देख आए तुम्हें हंसी,
जाए जाग भावना
मातृत्व की मन में ।
जब कभी सुनो
धुन बांसुरी की
जब हर धुन में
तुम्हें "मुरारी"
याद आए ।
समझ लेना प्रेम है
तुम्हें उनसे
और उनको है
प्रेम तुमसे
जो आने वाले हैं
कुछ दिनों में
मिलने
हम सबसे।

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Er Dev Anand
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दिमाग से इंजीनियर दिल से रचनाकार ! वस्तुतः मैं कोई रचनाकार नहीं हूँ, मैं एक इंजीनियर हूँ । मैं वही लिखता हूं जो मेरी आंखें देखती हैं और दिल समझता है उन्हें को कलम के सहारे में व्यक्त कर देता हूं पेज पर। बहुत ज्यादा साहित्यिक भाषा नहीं आती है। पर प्रयास रहता है ज्यादा से ज्यादा सीखने का ज्यादा से ज्यादा आपकी रचनाओं को पढ़ने का और समाज के लिए कुछ करने का।

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