कैसे होगा भला देश का

विजय कुमार अग्रवाल

रचनाकार- विजय कुमार अग्रवाल

विधा- कविता

कैसे होगा भला देश का मोदीजी ने यही बताया ।
नींद उड़ गई पडोसियो की काला धन सब बाहर आया ॥
राजनिती के इतिहास में कोई नहीँ ऐसा कर पाया ।
वचन दिया जो देश भक्ति का पूरी तरहा से उसे निभाया ॥
देश के देखो हरेक बेंक में लाइन में लगने हर कोई आया ।
परेशानी हो रही सभी को कुछ को रुपया मिल नहीँ पाया ॥
फ़िर भी सबने देश की खातिर हर मुश्किल को गले लगाया ।
फैसला देश के हित में है यह जनमानस ने यहीं बताया ॥
माया जी के होश उड़ गये और मुलायम को चक्कर आया ।
राहुल ने लग कर लाइन में परेशानी का ढोंग रचाया ॥
कोई कहे यह तानाशाही किसी ने इसको सही बताया ।
अस्सी कहे के यहीं सही है बीस ने इसको गलत बताया ॥
जनता को जो लूट रहे थे अब खुद उनका नम्बर आया ।
कैसे होगा भला देश का मोदीजी ने यहीं बताया ॥

विजय बिज़नोरी

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विजय कुमार अग्रवाल
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मै पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर का निवासी हूँ ।अौर आजकल भारतीय खेल प्राधिकरण के पश्चिमी केन्द्र गांधीनगर में कार्यरत हूँ ।पढ़ना मेरा शौक है और अब लिखना एक प्रयास है ।

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3 comments
  1. मैं भी बिजनोर से हूँ , आपकी लिखी ये पंक्तियां मुझे बहुत पसंद आयीं..ऐसे ही लिखते रहिये और युवाओं का हौसला बढ़ाते रहिये…!!!
    आभार,-

  2. मैं भी बिजनोर से हूँ , आपकी लिखी ये पंक्तियां मुझे बहुत पसंद आयीं..ऐसे ही लिखते रहिये और युवाओं का हौसला बढ़ाते रहिये…!!!
    आभार-