कैसी फितरत इंसान की

Pritam Rathaur

रचनाकार- Pritam Rathaur

विधा- मुक्तक

आज देखी इंसां में कैसी ये ज़हालत है
इनकी कौमे इंसां से आज क्यूँ बग़ावत है

खून ये बहाते हैं ख़ौफ़ न करें रब का
एक दूसरे का क्यूँ करते ये खिलाफ़त है

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Pritam Rathaur
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मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।
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