के टूटकर बिखरे हम यहाँ उसी के लिए

बबीता अग्रवाल #कँवल

रचनाकार- बबीता अग्रवाल #कँवल

विधा- गज़ल/गीतिका

चला गया वो हमें छोड़ कर किसी के लिए
के टूट कर बिखरे हम यहाँ उसी के लिए

सकुन दिल का जो मेरे चला गया लेकर
तड़प रहा दिल मेरा उस अजनबी के लिए

न मुझको जीने देती है जमाने की बातें
मै जी रही हूं हक़ीक़त में आप ही के लिए

कभी खुशी में कभी ग़म में जी रहे थे हम
के छोड़ दी हर खुशी ये दोस्ती के लिए

करूं मुहब्बत कैसे किसी से मैं यारों
तड़प रहा दिल मेरा है आशिकी के लिए

हैं आस मुझको कँवल तुम न हार मानोगी
दिखाये क्यो अश्क अपनी तशनगी के लिए

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बबीता अग्रवाल #कँवल
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जन्मस्थान - सिक्किम फिलहाल - सिलीगुड़ी ( पश्चिम बंगाल ) दैनिक पत्रिका, और सांझा काव्य पत्रिका में रचनायें छपती रहती हैं। (तालीम तो हासिल नहीं है पर जो भी लिखती हूँ, दिल से लिखती हूँ)

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