कृष्ण और जीवन

Versha Varshney

रचनाकार- Versha Varshney

विधा- कविता

जब जब समाज में क्षय हुआ प्रेम त्याग परोपकार का ,
रखकर अनौखा रूप दुनिया को राह दिखाने आये हो !
तुम ही कान्हा तुम ही राम मुरलीधर तुम ही कहलाये हो!!
कैद कर लिया शक्ति के मद में जब कंस ने अग्रसेन को ,
कांपने लगी थी जब सृष्टि भी तुम ही उद्धार कराये हो !!
भाद्रपद की अष्टमी तिथि को मथुरा में तुम आये हो ,
नाश कर असत्य का,सबको सत्य का पाठ पढाये हो !!
बिता दिया सम्पूर्ण जीवन अन्याय के प्रतिकार में ,
अपने जीवन से इंसानों को न्याय का पाठ पढाये हो !!
अन्याय का विरोध ,प्यार का सही अर्थ समझाए हो ,
गोपियों संग रास रचाना ,मधुबन में गाय चराए हो !!
तुम ही राधा ,तुम ही कृष्णा अद्भुत लीला दिखलाए हो ,
मनोहारी लीला में प्रकृति का सम्मान करना सिखाये हो !!
जब छोड़ दिया अपनों ने साथ देकर सहारा हिम्मत बढाए हो ,
द्रौपदी हो या हो भक्त मीराबाई हर संकट में दौड़े आये हो !!
तुम ही हो सबके पालनहारे ,घर घर में प्रीत जगाये हो ,
आ भी जाओ “ओ मुरलीधर” क्यूँ हमको बिसराए हो !!
वर्षा वार्ष्णेय अलीगढ़

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Versha Varshney
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कवियित्री और लेखिका अलीगढ़ यू पी !_यही है_ जिंदगी" मेरा कविता संग्रह है ! विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लेखन ! साझा संकलन -१.भारत की प्रतिभाशाली हिंदी कवयित्रियाँ ! २.पुष्पगंधा pride of the women award 2017 Money is not important then love,bec love is God n God is our life . my blog -http://vershavarshney.blogspot.in/ my page -https://www.facebook.com/versha22.writer/?ref=aymt_homepage_panel .

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3 comments
  1. बहुत ही सुन्दर रचना । आपकी कविता संग्रह “यही है जिदंगी ” पढ़ी है। बहुत उम्दा, मार्मिक रचनाओं का पुष्पहार है पुस्तक ।आपकी रचनाओं में कई अर्थ छुपे रहते है।
    माँ सरस्वती आपकी कलम को ओर अधिक संबल प्रदान करे।

  2. वाह वर्षा जी वाह, अपने मनोहारी कल्पनाऒ के द्वारा आपने कृष्ण कै विस्तृत सामर्थ्य, कर्म, धर्म, स्नेह ओर मायावी रहस्य का बेहतर बखान किया है