“कुदरत का उपहार”

RAMESH SHARMA

रचनाकार- RAMESH SHARMA

विधा- दोहे

बेटी है अनमोल धन,..कुदरत का उपहार !
जिसको मिलना चाहिए, जीने का अधिकार !!

तुलसी पीपल नीम सब, कुदरत का उपहार !
होता ढेरों रोग का, ….इनसे ही उपचार !!

कुदरत का उपहार है,धरती पर हर जान!
समझेगा इस तथ्य को, जाने कब इंसान !!

हरियाली हर पेड़ की, ..धरती का शृंगार !
मुफ्त मिला इंसान को, कुदरत का उपहार !!

धरती की हर वस्तु है,कुदरत का उपहार!
इसका करना चाहिए,.सबको ही आभार !!!
रमेश शर्मा.

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RAMESH SHARMA
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अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

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