एक पुराना दोस्त

satyendra kumar

रचनाकार- satyendra kumar

विधा- कविता

याद करना पुराने दोस्तों को
और खोते जाना
एक खयाली दुनिया मे
हवाओं से शब्द लेना
और बुनते जाने आसमाँ को

याद करना उन्हे
जिन्हे कि कभी भुलाया ही नहीं
स्वप्न की तरह जगना
और फिर उठ चलना
जीवन की खोयी रातों मे कहीं

याद करना मूर्खो जैसे
कुछ वो सवाल जवाब सभी के
कोई जिद पूरी करनी हो जैसे
समुंदर से बिना पूंछे ही
भरनी हो खाली जेबें मोती से

हाँ ! याद करना तुम्हें
और सोचते रहना की काश
जो जो छिपाया था इस दरमियाँ
आए कभी और पुंछ ले कोई
बिखर जाए सारी खामोशियाँ।
.
©- सत्येंद्र कुमार

Views 40
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
satyendra kumar
Posts 15
Total Views 190
मै जिला फ़तेहपुर उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ । उम्र 21 वर्ष है। साहित्य मे कविता, गीत और गजल ज्यादा पसंद है। email. --- satya8794@gmail.com mob. ---- 9457826475

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia