कुछ पल मुस्कुराये होते

डी. के. निवातिया

रचनाकार- डी. के. निवातिया

विधा- गज़ल/गीतिका

तुम अगर मेरी जिंदगी में आये होते
तो हम भी कुछ पल मुस्कुराये होते !!

न रहते जिंदगी में तुम भी यूँ तन्हा
न अकेले में हमने आँसू बहाये होते !!

बेझिझक होती खट्टी मीठी तकरार भी
न गुफ्तगू के लिये बहाने बनाये होते !!

नाता अपना भी अधूरा था ख़ुदा के घर से
वरना बाहोँ के झूले हमने भी झुलायें होते !!

कोई तो रहा होगा नाता “धर्म” से जग में
यूँ ही तो न एक दूजे के दिल में समाये होते !!

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डी के निवातिया _____________@

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डी. के. निवातिया
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नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का ह्रदय से आभारी तथा प्रतिक्रियाओ का आकांक्षी । आप मुझ से जुड़ने एवं मेरे विचारो के लिए ट्वीटर हैंडल @nivatiya_dk पर फॉलो कर सकते है. मेल आई डी. dknivatiya@gmail.com

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