कुछ दोहे

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- दोहे

बिन सोचे समझे नहीं , करना भारत बंद
अच्छे दिन अब दूर हैं , बस कदमों पर चंद

दाल गलेगी अब नहीं,सुनो खोल कर कान
काला धन अब देश में, कुछ दिन का मेहमान

भौतिक सुख तो बढ़ गए , दुखी मगर सब लोग
हँसना भी देखो यहाँ , सीखें करके योग

लगता है अब देश के , सुधरेंगे हालात
कलयुग में होने लगी, सतयुग जैसी बात

मुस्कायेगा बस तभी, अपना हिंदुस्तान
हो जाएंगे एक जब, गीता और कुरान

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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