कुंडलिया

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'

रचनाकार- अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'

विधा- अन्य

*दोहे*
योग्य विवश होकर यहाँ, झेल रहे संताप।
बना हुआ है देश में, आरक्षण अभिशाप।
वंचित हैं वे आज भी, जिनका है अधिकार।
जाने 'कब' इस शाप से, होगा जन उध्दार।
इषुप्रिय शर्मा'अंकित'
रामपुरकलाँ,सबलगढ(म.प्र.)

Views 4
इस पेज का लिंक-
Author
अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
Posts 74
Total Views 3k
कार्य- अध्ययन (स्नातकोत्तर) पता- रामपुर कलाँ,सबलगढ, जिला- मुरैना(म.प्र.)/ पिनकोड-476229 मो-08827040078

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia