कुंडलिया :– निन्दा रस (व्यंग)

Anuj Tiwari

रचनाकार- Anuj Tiwari "इन्दवार"

विधा- कुण्डलिया

कुंडलिया :– निन्दा रस

निन्दा रस में सनी हुई बस औरत की जात !
उल्टा-सूल्टा कर रही वो हर सीधी बात !
वो हर सीधी बात कहे मुँह तिरछा कर के !
हुआ हाजमा ठीक हँसे जब जी-जी भर के !
कहे "अनुज" दो घूंट बिना ये जीवन नीरस !
जिन्दा है वो आज बना जब से निन्दा रस !!

कवि :– अनुज तिवारी "इन्दवार"

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Anuj Tiwari
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नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी प्रकाशित पुस्तकें :-- 1) नया युग नई सोच 2) परवाज़ (ग़ज़ल संग्रह) 3) जज्बात-ए-कलम 4) प्रत्याशा : एक पग पथ की ओर मोबाइल नम्बर --9158688418 anujtiwari.jbp@gmail.com

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