किस्सा / सांग – # हरिश्चंद्र – फुटकड़ रागनी # रचनाकार – कवि शिरोमणि प. मांगेराम जी

लोककवि व लोकगायक पं. राजेराम भारद्वाज संगीताचार्य @ संकलनकर्ता - सन्दीप कौशिक, लोहारी जाटू, भिवानी - हरियाणा |

रचनाकार- लोककवि व लोकगायक पं. राजेराम भारद्वाज संगीताचार्य @ संकलनकर्ता - सन्दीप कौशिक, लोहारी जाटू, भिवानी - हरियाणा |

विधा- कविता

किस्सा / सांग – # हरिश्चंद्र # रचनाकार – कवि शिरोमणि प. मांगेराम जी

किस्सा – हरिश्चंद्र (फुटकड़ रागनी)

28 दिन का रहणा होगा भंगी आले घर मैं
बोझ तलै मेरी नाड़ टूटगी आगी गर्ब कमर मैं || टेक ||

ठाल्ली झगड़े झोणे होगे, धर्म के मरवे बोणे होगे
सौ सौ घड़वे ढोणे होगे बाल रहया न सिर मैं || 1 ||

रहणा सहणा खास छुटग्या, अवधपुरी का वास छुटग्या
एक लड़का रोहताश छुटग्या बालक सी उम्र मैं || 2 ||

गहरी विपता ठाणी पड़गी, दर-दर ठोकर खाणी पड़गी
मदनावत राणी पड़गी न्युए ठाल्ली सोच फिक्र मैं || 3 ||

अवधपुरी का रहणा छुट्या, मांगेराम ड्राईवर लुट्या
ठोकर लागी घड़वा फूटया चढ़ग्या सूरज शिखर मैं || 4 ||

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लोककवि व लोकगायक पं. राजेराम भारद्वाज संगीताचार्य @ संकलनकर्ता - सन्दीप कौशिक, लोहारी जाटू, भिवानी - हरियाणा |
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संकलनकर्ता :- संदीप शर्मा ( जाटू लोहारी, बवानी खेड़ा, भिवानी-हरियाणा ) सम्पर्क न.:- +91-8818000892 / 7096100892 रचनाकार - लोककवि व लोकगायक पंडित राजेराम भारद्वाज संगीताचार्य जो सूर्यकवि श्री पंडित लख्मीचंद जी प्रणाली से शिष्य पंडित मांगेराम जी के शिष्य जो जाटू लोहारी (भिवानी) निवासी है |

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