किस्मत के दोहे

Archana Singh

रचनाकार- Archana Singh

विधा- दोहे

मेरी किस्मत ले चली,अब जाने किस ओर।
प्रभु हाथों में सौप दी,यह जीवन की डोर।।

किस्मत में है क्या लिखा,नहीँ किसी को भान।
निरर्थक हैं विधा सभी,थोथा है सब ज्ञान।।

भाग्य-भाग्य का खेल है,इससे जीता कौन।
किस्मत नाच नचा रही,देख रहे सब मौन।।

अर्चना सिंह📝

Views 84
Sponsored
Author
Archana Singh
Posts 5
Total Views 311
मैं छंदबद्ध रचनाऐं मुख्यतः दोहा,कुण्डलिया और मुक्तक विधा में लिखती हूँ, मुझे प्रकृति व मानव मन में उमड़ते भावों पर लिखना पसंद है......
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
3 comments