काले मेघा जब तुम आना

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गीत

काले मेघा जब तुम आना
छत पर मेरी भी आ जाना
अपनी शीतलता से कुछ तो
इस तन मन की अगन बुझाना

नफरत की जो धूप सही है
बेल प्रेम की सूख रही है
हरा भरा करने ही उसको
नेह भरा अमृत बरसाना
काले मेघा जब तुम आना

बात पुरानी याद दिलाती
तन्हाई यूँ मुझे सताती
गरज गरज कर थोड़ा सा तो
मेरी खातिर इसे डराना
काले मेघा जब तुम आना

आँखों से सागर सा बरसे
जीवन खुशियों को ये तरसे
इंद्रधनुष के रँग बिखरा कर
बूंदों के तुम राग सुनाना
काले मेघा जब तुम आना

डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद (उ प्र)

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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