काले नोटों का कारोबार बंद हुआ

आनंद बिहारी

रचनाकार- आनंद बिहारी

विधा- गज़ल/गीतिका

काले नोटों का कारोबार बंद हुआ….
नकली नोटों का भी बाजार बंद हुआ।

सोना,मकां चुटकी में खरीद लेते थे
कालेधन का काला व्यापार बंद हुआ।

बस इक ख़ालिस लीडर की हिम्मत से
पत्थरबाजों का भी प्रहार बंद हुआ।

मास्टर स्ट्रोक से वापिस आया बैंकों में
सेठों की तिज़ोरी का आहार बंद हुआ।

बड़े राजनेता और पार्टियां करेंगी क्या?
काली नीतियों का भी दरबार बंद हुआ।

एक अदद घर अब मेरे नसीब भी होगा
प्रॉपर्टी का जो कालाबाजार बंद हुआ।

हम भी हैं लाइन में,तुम भी हो लाइन में
जन-जन है साथ कि भ्रस्टाचार बंद हुआ।

©आनंद बिहारी, चंडीगढ़

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आनंद बिहारी
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गीत-ग़ज़लकार by Passion नाम: आनंद कुमार तिवारी सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से "काव्यश्री" सम्मान जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising) लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc प्रकाशन: रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित FB/Tweeter Page: @anandbiharilive Whatsapp: 9878115857

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7 comments
  1. What a well timed response to the present situation. Aapke bheetar ka kavi manav mun ki samvedanaon ko bahut paini aur parkhi nazar se dekhta hai
    Shubh-Aashish
    Sadhu-vaad

    • मेरे सरल और सीधी अभिव्यक्ति को आपने स्वीकार किया। अक्सर लोग या तो स्तरहीन joke या विद्वता को साहित्य / कविता मानते है।
      …आपका आशीर्वाद बारंबार मिलता रहे, नमन।