कारगिल विजय दिवस पर

guru saxena

रचनाकार- guru saxena

विधा- घनाक्षरी

पाकियों को पकड़ पकड़ पीस डाला ऐसे
जैसे कोई चटनी सी पीस डालें सिल में ।
हौसला बुलंद जैसे मत्त से गयंद सारे
शत्रुओं को कुचल बिछाया तिल तिल में।
सौ सौ बार नमन शहीद रणबांकुरों को
जिन्होंने जिताया जंग टाईगर हिल में।
धन्य हैं वे वीर माता पिता जिनके है धन्य
देशहित बलिदान हुए कारगिल में।

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