कान्हा,कन्हा मैं करूँ

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

🌹🌹🌹🌹🌹🌹
कान्हा,कन्हा मैं करूँ,
मेरा कान्हा है चितचोर।
🌹
चैन चुराकर,
नींद उड़ाकर,
वो बैठा कित ओर।
🌹
मैं बावली,
हुई दीवानी,
क्यों ना देखे मेरी ओर?
🌹
इत उत भागूँ,
सारी रैना जागूँ,
मैं ढूँढू चारो ओर।
🌹
मेरा सबकुछ
लेकर छुप गया,
मेरा नटखट नंदकिशोर।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
-लक्ष्मी सिंह💓☺

Views 126
Sponsored
Author
लक्ष्मी सिंह
Posts 149
Total Views 46.1k
MA B Ed (sanskrit) please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia