कहीं से न पौन है|/परम देश भक्त बन|

बृजेश कुमार नायक

रचनाकार- बृजेश कुमार नायक

विधा- मुक्तक

(1)
कहीं से न पौन है
…………………..
ज्ञान की सु गोन है|
सहज और मौन है|
'नायक'वह प्रेममय|
कहीं से न पौन है|

( 2)
परम देश-भक्त बन
…………………..
नहीं मोह-ग्रस्त बन |
चेत-सूर्य मस्त बन|
आत्मा को जानकर |
परम देश-भक्त बन|

बृजेश कुमार नायक
"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" कृतियों के प्रणेता

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बृजेश कुमार नायक
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एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर, कोंच,जालौन,उ.प्र.-285205 मो-9455423376व्हाट्सआप-9956928367 एवं8787045243

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