कहीं इश्क ना हो जाये

Govind Kurmi

रचनाकार- Govind Kurmi

विधा- कविता

नैनो से कह दो कहीं अश्क ना हो जाये ।

गलती से परदेशी से इश्क ना हो जाये ।

हमारी एक झलक की खातिर तू बेकरार ना हो जाये ।

रखना साये में जुबां को कहीं इकरार ना हो जाये ।

करके दीदार मेरा तू कहीं खो ना जाये ।

करके याद हमको तू खुद को भूल ना जाये ।

रखले उंगली लबों पर कहीं दिल फिसल ना जाये ।

हमसे बार बार मिलने को पागल मचल ना जाये ।

बेरुखी से हमारी कहीं तू रूठ ना जाये ।

जुदाई में तेरा दिल कहीं टूट ना जाये ।

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Govind Kurmi
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गौर के शहर में खबर बन गया हूँ । १लड़की के प्यार में शायर बन गया हूँ ।

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