“कविता नहीं आवाज हूँ,मैं एक नई कहानी,सुनाता हूँ,मैं”-ऋषि के.सी.

Author Rishi(ऋषि के.सी.) K.C.

रचनाकार- Author Rishi(ऋषि के.सी.) K.C.

विधा- कविता

एक नई कहानी ,सुनाता हूँ मैं,
एक नई कहानी,सुनाता हूँ मैं,

रहता वो डूबते सागर में ,

एक नई………………..मैं ।

चिड़िया-सी कहानी है उसकी ,

उड़ता वो-फिरता जीवन की ,तालाश में,

एक नई……………….मैं।

अपने भी थे उसके ,सपने भी थे उसके,

पंखों में उड़न भरी भी उसने ,

रास्ते में चलता भी था और गिरता भी था,

बदनामी को वो चुपचाप सह जाता था ,

परन्तु सबका मान बढ़ाता था ,

एक नई………………………मैं ।

अपना खुदा भी था और उससे जुदा भी था ,

कहने से वो कतराता भी था,

और हृदय में उसको बसाता भी था,

आज भी कहानियों में ,उसको ढूंढता भी था ,

किस्मत का संदेश,मानता भी था वो उसको,

अंत में सीखा गई ,दोस्ताना उसको,

रह गई आखिरी ख़्वाइश,कहने को उसको ,

याद करता रहेगा, जीवन के पथ पर उसको ,

नही पसंद करता वो ,अफसाना उसका ,

सिर्फ सपनो में ,ढूंढ़ता था उसको ,

यही जीवन_का_सार ,बताता हूँ मैं ,

एक नई कहानी, सुनाता हूँ मैं ,

एक नई कहानी ,सुनाता हूँ मैं ।

-ऋषि के.सी.

Sponsored
Views 37
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Author Rishi(ऋषि के.सी.) K.C.
Posts 9
Total Views 149
नाम-ऋषि के.सी. जनम-१ जनवर, २०००। शिक्षा - xii स्कूल - राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कसान पिता का नाम श्री रामू खत्री माता का नाम - श्रीमती सुषमा देवी पता-करेंदादा स्यांगजा(पोखरा) नेपाल

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia