कल जो बीती रात एक नया ख्वाब पल गया ….

Awneesh kumar

रचनाकार- Awneesh kumar

विधा- कविता

कल जो बीती रात एक नया ख्वाब पल गया,
मन का एक हिस्सा किसी के नाम हो गया।
इजहार होठो से न हुआ लेकिन,
आँखों से आँखे मिली और अपना काम हो गया।(अवनीश कुमार)

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नमस्कार अवनीश कुमार www.awneeshkumar.ga www.facebook.com/awneesh kumar

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