करें क्यूँ कोख ख़ाली है

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

रचनाकार- लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

विधा- मुक्तक

जहाँ की रीत भी देखो, भला कैसी निराली है
हैं नौ दिन पूजते देवी, मगर नारी को गाली है
लगे प्यारी बहन, माता, मिले सुंदर बहू, पत्नी
जो बेटी हो उदर में तो, करें क्यूँ कोख ख़ाली है

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लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
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मध्यप्रदेश में सहायक संचालक...आई आई टी रुड़की से पी एच डी...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....

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