करके मेहनत रात दिन,पाले जो परिवार

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- कुण्डलिया

करके मेहनत रात दिन,पाले जो परिवार
मिले बुढापे में उसे ,गैरों सा व्यवहार
गैरों सा व्यवहार , अकेला खुद को पाये
खाली भी है हाथ, रास्ता नज़र न आये
हुई अर्चना उम्र, उधर पैसे की किल्लत
लेकिन है खुद्दार, कमाए करके मेहनत

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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2 comments
  1. मन की बडी विचित्र. महिमा है, अर्चना जी इसमें साक्षात् भगवान. प्रवाहित. होते है, इसीलिए
    प्रवृत्तियो के हिसाब. से हमारे सामर्थ्य. योग्यताओ का प्रक्रियाओं का स्वरूप. बनता बिगडता रहता है