“कभी पागल बना देती , कभी काबिल बना दे वो “

Kavi DrPatel

रचनाकार- Kavi DrPatel

विधा- मुक्तक

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मुहब्बत जाम है ऐसा , जिसे पीते नहीं थकते ।

सुहाने पल वो ऐसे हैं , जिसे जीते नहीं थकते ।

कभी पागल बना देती , कभी काबिल बना दे वो,

उसी की आस में सातों , जनम बीते नहीं थकते ।
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वीर पटेल

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Kavi DrPatel
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मैं कवि डॉ. वीर पटेल नगर पंचायत ऊगू जनपद उन्नाव (उ.प्र.) स्वतन्त्र लेखन हिंदी कविता ,गीत , दोहे , छंद, मुक्तक ,गजल , द्वारा सामाजिक व ऐतिहासिक भावपूर्ण सृजन से समाज में जन जागरण करना

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