कब तलक बोल सनम सूनी ये क्यारी होगी

Pritam Rathaur

रचनाकार- Pritam Rathaur

विधा- गज़ल/गीतिका

मेरी मां सारे जमाने से भी प्यारी होगी
जिंदगी जिसने हमारी ये संवारी होगी
💟💟
आया है जो भी यहां उसको है जाना इक दिन
जा रहा आज मैं कल तेरी भी बारी होगी
💗💗
भूल कर दिल को लगाना न हसीनों से तुम
होती है दिल में दगा आंखों में कटारी होगी
💗💗
इश्क जिसने भी किया आज समझ लो यारों
चोट दिल पर तो लगी उसको करारी होगी
💟💟
देखते खाब है बरसों से तुम्हारे दिलबर
उनकी ताबीर भी तुझ पर ही उधारी होगी
💟💟
नाम उसका ही अमर आज हुआ है जिसने
उम्र खिदमत में वतन के ही गुजारी होगी
💗💗
फूल तितली हैं मगर तू ही नहीं है "प्रीतम"
कब तलक बोल सनम सूनी ये क्यारी होगी
💟💟
प्रीतम राठौर
श्रावस्ती (उ०प्र०)

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Pritam Rathaur
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मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।

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