कब तक छुपाओगे ये प्यार………..कुछ भी नही “मनोज कुमार”

मनोज कुमार

रचनाकार- मनोज कुमार

विधा- गज़ल/गीतिका

कब तक छुपाओगे ये प्यार प्यार बिना कुछ भी नही |
कुछ तो करो तुम शरारत शरारत बिना कुछ भी नही ||

तेरे लाल लाल रचे हुए हाथ हाथ में दे दो ना |
आके लगा लो गले महोब्बत बिना कुछ भी नही||

झुमके भी करते है प्यार गाल से चिपके हुए |
आजा इश्क़ ना हो बदनाम इश्क़ बिना कुछ भी नहीं ||

जिस्मों की खुशबू मिलाने मिलाने आ जाओ |
अदाओं का जलवा दिखादो क जलवे बिना कुछ भी नही ||

हमें लगती है सबसे तू प्यारी क गुड़िया रानी सी |
बड़ी चंचल है शर्मीली नटखट नजाकत बिना कुछ भी नही ||

अरे प्रेम की बरसा तुम करदो पिपासा बुझती नही |
हम तो तेरे है तेरे अनुरागी अनुराग बिना कुछ भी नही ||

मेरे दिल को जो है अजीज चाँद का टुकड़ा वही |
हँसी मेरी तुम लौटा दो हँसी बिना कुछ भी नही ||

“मनोज कुमार”

Views 4
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
मनोज कुमार
Posts 40
Total Views 638
नाम - मनोज कुमार , जन्म स्थान - बुलंदशहर , उत्तर प्रदेश (भारत) , शिक्षा - एम. एस. सी. ( गणित ) , शिक्षा शास्त्र , EMAIL - MPVERMA85@YAHOO.IN https://manojlyricist.blogspot.in/

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia