कन्या भ्रूण संरक्षण

avadhoot rathore

रचनाकार- avadhoot rathore

विधा- कविता

कविता
क्यों बिटिया तुम्हें रास आती नहीं ?
क्यों ख़ुशियाँ तुम्हें यार भाती नहीं ?
है बिटिया घरों में चहकती बुलबुल,
क्यों बुलबुल तुम्हें यार भाती नहीं ?
है पुरुष का अहम बिटिया से बड़ा,
क्या बिटिया तभी लाड़ पाती नहीं ?
है होना पुरुष का नारी का करम,
न होता पुरुष अगर वो लाती नहीं।
पड़े रहते सभी घर शमशान बन,
दिलों जाँ से अगर वो सजाती नहीं।
,,,अवधूत,,,

Views 43
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
avadhoot rathore
Posts 31
Total Views 217

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia