* औरत तेरी यही कहानी *

Neelam Ji

रचनाकार- Neelam Ji

विधा- कविता

दिल में दर्द आँखों में पानी ,
औरत तेरी यही कहानी ।
हस्ती अपनी तूने मिटा दी ,
पर जग ने तेरी कदर न जानी ।।

तुम को हमेशा कमतर समझा ,
महत्व तेरा ना कोई समझा ।
तुम बिन अर्थहीन है दुनिया ,
पर तुमको ही अर्थहीन समझा ।।

तुम बिन अस्तित्व नहीं दुनिया का ,
सार तुम ही हो दुनिया का ।
तुम बिन दुनिया धूरी हीन है ,
तुम बिन होगा क्या दुनिया का ??

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Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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