एहसास

Neelam Sharma

रचनाकार- Neelam Sharma

विधा- गज़ल/गीतिका

ये जो एहसास है अद्भुत अद्वितीय और ख़ास है।
जश्न है,महफिल है,नगमा है,सरगम है उल्लास है।

आशना है, प्रेम का तराना है,मोहक मधुर फसाना है।
जीस्त का नज़राना है, एहसास करता भंवर को दिवाना है।

एहसास प्रीत का उपहार है,इश्क का इजहार है।
लबों पर लिए सुर्ख तबस्सुम, शर्मीला सा इकरार है।

एहसास हृदय में मचलता जज़्बा, खूबसूरत बयार है।
मदहोश- खामोश,पागल एहसास करता सब स्वीकार है।

एहसास उमंग है,तरंग है,उन्मुक्त अंगड़ाई लेती पतंग है।
एहसास अंतर्मन में परस्पर छेड़ते भ्रमित विचार जंग हैं।

एहसास पाक रुह का इन्द्रधनुषी श्रृंगार है
एहसास दुलार है, प्रणय की सुमधुर झंकार है।

एहसास प्यार का अमोघ रामबाण उपचार है।
एहसास विरह में बेचैन प्रेयसी की पुकार है।

कभी खट्टे मीठे,कभी सुखद-दुखद होते हैं एहसास नीलम
कभी हर्ष उल्लास से छलकते,एहसास अनंत अपार हैं।

नीलम शर्मा

Views 9
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Neelam Sharma
Posts 210
Total Views 1.8k

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia