एक रूमानीकविता

Vindhya Prakash Mishra

रचनाकार- Vindhya Prakash Mishra

विधा- कविता

(एक रूमानीकविता )
होठों पर उसका नाम हुआ
जिसके लिए वह बदनाम हुआ
दिल भी जिसका गुलाम हुआ
वह समझ न पाये प्रिय प्रीत
न्यौछावर उसपर सुबह शाम हुआ
जिसकी पूजा करने से ही
जगह पवित्र धाम हुआ
वह समझ न पायी प्रिय प्रीत
जिसके लिए वह बदनाम हुआ
सम्पर्पित होकर अपनो पर
देखता है तस्वीरो पर
वह पागल आठो याम हुआ
वह समझ न पाये प्रिय प्रीत
जिसके लिए वह बदनाम हुआ

विन्ध्यप्रकाश मिश्र विप्र

Views 8
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Vindhya Prakash Mishra
Posts 62
Total Views 973
Vindhya Prakash Mishra Teacher at Saryu indra mahavidyalaya Sangramgarh pratapgarh up Mo 9198989831

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia