*एक प्रश्न आपके लिए* 1 मई, साल के एक दिन या हर दिन

Neeru Mohan

रचनाकार- Neeru Mohan

विधा- कविता

1 मई हम मजदूर दिवस के रूप में मनाते हैं|
क्यों हम एक ही दिन मजदूरों के सम्मान को दिलाते हैं ?
क्या वह सब एक ही दिन के हकदार है ?
या फिर साल के हर दिन उनका सम्मान है |
क्यों हम उनके हर एहसान को भूल जाते हैं ?
जो रोटी हम खाते हैं वह उन्हीं से तो पाते हैं ?
जो भरते हैं हमारा पेट क्यों वह भूखे पेट ही मर जाते हैं ?
क्या हममें से किसी ने इस बारे में सोचा है ?
क्यों नहीं हमने उनके दुख और दर्द को समझा सोचा है ?
जो बनाते हैं ऊँची-ऊँची इमारतें हमारे ऐशोआराम के लिए
क्यों एक दिन उन्हीं इमारतों की गहराई में दफन हो जाते हैं ?
घरों से दूर रहकर परिवार अपना परदेश में बनाते हैं |
और वहाँ सिर्फ दिहाड़ीदार ही कहलाते हैं |
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Neeru Mohan
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व्यवस्थापक- अस्तित्व जन्मतिथि- १-०८-१९७३ शिक्षा - एम ए - हिंदी एम ए - राजनीति शास्त्र बी एड - हिंदी , सामाजिक विज्ञान एम फिल - हिंदी साहित्य कार्य - शिक्षिका , लेखिका friends you can read my all poems on my blog (साहित्य सिंधु -गद्य / पद्य संग्रह) blogspot- myneerumohan.blogspot.com

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