एक दोहा

DrMishr Sahaj

रचनाकार- DrMishr Sahaj

विधा- दोहे

अन्दर से बेशक हुआ,बिखरा- चकनाचूर.
चेहरे पर कम ना हुआ,पर पहला सा नूर.
@डॉ.रघुनाथ मिश्र 'सहज

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DrMishr Sahaj
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