एक गीत- बेस्ट फ्रेंड के लिए

जयति जैन (नूतन)

रचनाकार- जयति जैन (नूतन)

विधा- गीत

हर खुशी नामंज़ूर है
जो तू मुझसे दूर है
तू ही तो मेरी दोस्त है
तू ही साथ है हमदम

स्कूल से घर आना
होमवर्क का बहाना
साथ मे गप्पे लडाना
थक कर घर लौट आना
तू ही तो मेरी दोस्त है
तू ही साथ है हमदम

वो साथ साथ रहना
वो रात रात जागना
वो बार बार रूठना
वो तेज तेज बोलना
तू ही तो मेरी दोस्त है
तू ही साथ है हमदम

हर बात पे टोकना
खाते पीते रोकना
संग बिस्तर पर सोना
चादर मेरा खीचना
तू ही तो मेरी दोस्त है
तू ही साथ है हमदम !

– जयति जैन (नूतन), रानीपुर झांसी उ.प्र.

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जयति जैन (नूतन)
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लोगों की भीड़ से निकली आम लड़की ! पूरा नाम- DRx जयति जैन उपनाम- शानू, नूतन लौकिक शिक्षा- डी.फार्मा, बी.फार्मा, एम. फार्मा लेखन- 2010 से अब तक वर्तमान लेखन- सामाज़िक लेखन, दैनिक व साप्ताहिक अख्बार, चहकते पंछी ब्लोग, साहित्यपीडिया, शब्दनगरी व प्रतिलिपि वेबसाइट पर ( आप गूगल पर 'जयति जैन, रानीपुर' नाम सर्च कर रचनाये पढ सकते हैं ! ) पहचान= बेबाक और स्वतंत्र लेखन, युवा लेखिका, सामाज़िक चिन्तक

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