एक गाती चिड़िया

sushil sharma

रचनाकार- sushil sharma

विधा- लघु कथा

*एक गाती चिड़िया*
(लघु कथा)
सुशील शर्मा

एक चिड़िया मस्त गगन में गाती गुनगुनाती घूमती रहती थी।सब उसकी बहुत तारीफ करते थे ।सब उसकी आवाज पर मोहित थे।
यह खबर कुछ गिद्धों तक पहुंची उन्हें बहुत नागवार गुजरा।आपस में उनकी बैठक हुई।सियाने गिद्ध ने कहा ये चिड़िया बहुत उड़ रही है।हमारे सम्मान को चोट पहुंचाती है।इसके पर कतरना जरुरी है।सभी एकमत हो गए करीब हरेक गिद्ध ने चिल्लाना शुरू कर दिया।
ये चिड़िया गलत है,इसे गाना नहीं गाना चाहिए ये हमारे समाज को कलंकित कर रही है।चिड़िया के माता पिता पर दबाब डाला गया।
चिड़िया को डराया गया।समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दी गई।लेकिन चिड़िया नहीं डरी उसने स्पष्ट कर दिया की उसकी आवाज किसी एक धर्म और समाज की नहीं है उसकी आवाज़ मानवता की आवाज़ है और मौत का डर भी उसे संगीत से अलग नहीं कर सकता।गिद्ध सकते में थे कि इस नन्ही सी चिड़िया में इतना मनोबल कैसे आ गया।
और चिड़िया मौत के डर से आगे गाती हुई बढ़ रही थी जीत की ओर।

इस बहादुर चिड़िया को हज़ारो सलाम।

Views 13
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
sushil sharma
Posts 9
Total Views 165
सुशील कुमार शर्मा S/o श्री अन्नीलाल शर्मा ज्ञानदेवी शर्मा शिक्षा-M Tech(Geology)MA(English) पारिवारिक परिचय पत्नी-डॉ अर्चना शर्मा साहित्यिक यात्रा-देश विदेश की विभिन्न पत्रिकाओं समाचार पत्रों में करीब 500 रचनाएँ प्रकाशित। मेरी पांच पुस्तकें प्रकाशनाधीन1.गीत विप्लव2.विज्ञान के आलेख3.दरकती संवेदनाएं4.सामाजिक सरोकार 5.कोरे पन्ने(हाइकु एवम तांका )मेरी रचनाओं का प्रकाशन- प्रतिलिपि,सरिता , अभिव्यक्ति,

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia