उषा का स्वागत

satyendra agrawal

रचनाकार- satyendra agrawal

विधा- कविता

प्रिय उषा को जन्म दिन पर भेंट

पौष की ठिठुरन में धूप का टुकड़ा लिए
अमावस की रात में अमृतमय चांदनी लिये
जेठ की तपती दोपहर मे सावन की फुहार लिए
मधुर मुस्कान,नई उमंगे लिये,सारे रंगों को समेटे,खुशिया बिखरती आई हो तुम
स्वागत करता हूं भोर की उषा का बाहो के हार लिये

डॉ सत्येन्द्र कुमार अग्रवाल

Sponsored
Views 17
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
satyendra agrawal
Posts 6
Total Views 161
चिकित्सा के दौरान जीवन मृत्यु को नजदीक से देखा है ईश्वर की इस कृति को जानने के लिए केवल विज्ञान की नजर पर्याप्त नहीं है ,अंतर्मन के चक्षु जागृत करना होगा

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia