उम्र का तगाजा है,

Yash Tanha Shayar Hu

रचनाकार- Yash Tanha Shayar Hu

विधा- कविता

उम्र का तगाजा है,
साँसों की फितरत है,
दोनों ही निकल जाती है,
मरहूम करके यंहा,

कोई शान समझता है,
कोई ईमान समझता है,
खोखले उसूलो में रहकर,
कोई खुद को भगवान समझता है,
प्यार में कोई जीवन नहीं,
जीवन मुस्कराहट है,

जब तक रहती है पहलु में,
सुनती नहीं कोई आहत है,

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Yash Tanha Shayar Hu
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Yash Pal Sejwal born 10th March 1980 is a Poet,Lyrics,Songs writer from Delhi, I create and started writing on Facebook page "Tanha Shayar Hu" IN JANUARY 2016. This is my collection of Poems, Lyricis, and Shayari : Facebook page : https://www.facebook.com/tanhashayarhuyash/ https://storymirror.com/author/58cd9f312086f7c143aedf8f https://twitter.com/tanhashayarhu/

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