उनको अपना बना के देख लिया

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

उनको अपना बना के देख लिया
जख़्म दिल के दिखा के देख लिया

फूल तो फूल थे मगर हमने
शूलों से भी निभा के देख लिया

जानते थे असर न होगा कुछ
हाल फिर भी सुना के देख लिया

अश्क़ खारे थे यह रहे खारे
खूब इनको बहा के देख लिया

जब मिला साथ वक़्त का हमको
खोटा सिक्का चला के देख लिया

दर्द से इसकी है बड़ी यारी
इश्क में दिल डुबा के देख लिया

ज़िन्दगी रूप तेरे अनगिन हैं
"अर्चना' सब लुटा के देख लिया

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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