उनके बगैर जिंदगी सचमुच मुहाल है

बबीता अग्रवाल #कँवल

रचनाकार- बबीता अग्रवाल #कँवल

विधा- गज़ल/गीतिका

शामो सहर उन्हीं का फक़त अब ख्याल है
उनके बग़ैर जिंदगी सचमुच मुहाल है

दिन हो गए पहाड़ से रातें हैं खौफ़नाक़
कैसे बिताएं वक़्त ये मुश्किल सवाल है

हर बात समझकर भी समझता ही नहीं वो
यह यार हमारा भी बड़ा बाक़माल है

अब और इन्तिज़ार कराओ न ऐ सनम
तुझसे बिछड़ के आज बुरा मेरा हाल है

अब तो कँवल यक़ीन की हद से गुज़र गई
वो पात – पात है तो कभी डाल – डाल है

Views 92
Sponsored
Author
बबीता अग्रवाल #कँवल
Posts 51
Total Views 3.2k
जन्मस्थान - सिक्किम फिलहाल - सिलीगुड़ी ( पश्चिम बंगाल ) दैनिक पत्रिका, और सांझा काव्य पत्रिका में रचनायें छपती रहती हैं। (तालीम तो हासिल नहीं है पर जो भी लिखती हूँ, दिल से लिखती हूँ)
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia