एक हास्य कविता : गधा लीला

राजीव शर्मा 'ब्रजरत्न'

रचनाकार- राजीव शर्मा 'ब्रजरत्न'

विधा- कविता

ये Z के आकार की मेरी हास्य कविता मैंने उत्तर प्रदेश चुनाव के वक्त लिखी थी । अच्छी लगे तो बताना कुछ और अच्छा लिखने की कोशिश करूंगा।

Timepass आदमी कर रहा था घर में,
घर से भगाया उसे पापा के जूते के डर ने,
डर कर वो पहुँचा up के प्रचार में,
प्रचार में वो पहुंचा गधों के संसार में,
गधा लीला सुन हो गया बेचैन वो,
बेचैनी वाले को कहते motivational हो,
motivational को चले करने international हो,
international करने को बनाया whatsapp हथियार हो,
अब whatsapp पर कर रहा है timepass मेरा यार हो।

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राजीव शर्मा 'ब्रजरत्न'
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न मंजिल पता है, न डगर हमें मालूम है, रुकना कहाँ है, मुझे नहीं मालूम है, धक्का दे रहा है ये जमाना मुझे, कहाँ धकेलना चाहता है ,ये मुझे नहीं मालूम है।
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