ईश्वर से परिचय

satyendra agrawal

रचनाकार- satyendra agrawal

विधा- कविता

आज सुबह ईश्वसर से परिचय हुआ है मेरा,-

गीत गाते उमंगो से भरे परिंदो की चहचहाट मै, नव जीवन को संचार करती सूरज की रश्मियों मै,
हँसते फूलो पर मँडराते भंवरो की गुंजन मैं,
शीतल मंद मंद पवन की संगीत मैं बहते पतो की सरसराहट मैं,
बहती नदी की कल कल ध्वनी मैं,

आज सांय फिर मिलेंगे मुझे,
डूबते सूरज की लालिमा मैं,
धवल चंद्रमा की फैली चांदनी मैं,
नन्हे नन्हे टिमटिमाते तारो के विस्तृत आकाश मैं,
थके नींद की आगोश मैं समाये मानव मैं ,
अस्तित्व में समाहित प्रकृति के ईश्वरीय आनंद मैं,
धन्यवाद ,कृतज्ञता ज्ञापित करते मनुष्य मै,

सत्येंद्र अग्रवाल

Views 41
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
satyendra agrawal
Posts 6
Total Views 155
चिकित्सा के दौरान जीवन मृत्यु को नजदीक से देखा है ईश्वर की इस कृति को जानने के लिए केवल विज्ञान की नजर पर्याप्त नहीं है ,अंतर्मन के चक्षु जागृत करना होगा

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia