इल्जाम ऐ बेवफाई—शेर —डी के निवातियाँ निवातियाँ

डी. के. निवातिया

रचनाकार- डी. के. निवातिया

विधा- शेर

ऐ जिंदगी किस मोड़ पर तू ले आयी
ना मैं खुद का रहा न किसी और का !!

!

दोष किस्मत का कहे या फिर कमी खुद की
मुहब्बत को सुना बहुत, आँखे दो-चार न हुई !!

जिंदगी के मोड़ पर बड़े अजीब दौर से गुजरे हम
पाक ऐ दामन के बदले इल्जाम ऐ बेवफाई मिली !!


सह लेते दर्द ऐ बेवफाई भी बड़े शौक से हम
कमबख्त दो पल की वफ़ा कर जाता कोई !!

याराना हो गया है अपना वीरानियों से
खण्डहर सा हो गया है ये दिल जब से !!

!

@______डी के निवातियाँ______@

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डी. के. निवातिया
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नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का ह्रदय से आभारी तथा प्रतिक्रियाओ का आकांक्षी । आप मुझ से जुड़ने एवं मेरे विचारो के लिए ट्वीटर हैंडल @nivatiya_dk पर फॉलो कर सकते है. मेल आई डी. dknivatiya@gmail.com

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