इम्तेहान

pratik jangid

रचनाकार- pratik jangid

विधा- कविता

जिंदगी की जंग में हर कदम हर मोड़ पर इम्तेहान होता हैं !
तब जाकर किसी शख्स का सपना साकार होता हैं !!

यु ही नहीं बदल जाती वक्त के मन्जर की तस्वीरे !
उसके लिए परिस्थियों का आना जाना भी जरुरी होता हे !!

कुछ राहगीर पीछे हट जाते हे ,मंजिल की दूरियों को देखकर !
मंजिलो को पाने के लिए ,एक जूनून सवार करना होता है !!

जिंदगी की जंग में हर कदम हर मोड़ पर इम्तेहान होता हैं !
तब जाकर किसी शख्स का सपना साकार होता हैं !!

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