इजाजत है सितम कर लो

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'

रचनाकार- अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'

विधा- गज़ल/गीतिका

*****************************************
*गजल*
सदा-ए-दिल
इजाजत है सितम कर लो मगर फिर भी दुआ देंगे।
तुम्हें तकलीफ गर हो तो ते'री दुनिया भुला देंगे।

हमारी हो गयी आदत गमों के संग जीने की।
रहो तुम खुश सदा खातिर तेरी खुश को मिटा देंगे।

रहे तुम बेवफा हरदम दगा तुम दे गये मुझको।
बताकर बावफा तुमको हकीकत ये छुपा देंगे।

हमें मालूम है तुम तो हमेशा रँग बदलते हो।
करे बदनाम तुमको जो वजह सारी मिटा देंगे।

जरूरत हो गयी पूरी किया बेजार खुद से है।
मगर हम प्यार के मतलब तुझे भी अब सिखा देंगे।

जरा इक बार कह दो तुम खता क्या हो गयी मुझसे।
'इषुप्रिय' कर तुझे आबाद खुद का दिल जला देंगे।

इषुप्रिय शर्मा 'अंकित'
सबलगढ(म.प्र.)

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 9
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
Posts 69
Total Views 2.5k
कार्य- अध्ययन (स्नातकोत्तर) पता- रामपुर कलाँ,सबलगढ, जिला- मुरैना(म.प्र.)/ पिनकोड-476229 मो-08827040078

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia