इजहार-ए-इश्क़

Deepti Singh

रचनाकार- Deepti Singh

विधा- कहानी

हर कोई बस चल रहा हैं,इस ज़िन्दगी के सफ़र में कोई हमसफ़र के लिए तो कोई ज़िन्दगी के सफ़र के लिए। जब भी कुछ पल मिलते हैं, तो सोचती हूँ। क्या बस यही ज़िन्दगी हैं सिर्फ़ ये ही सफ़र और मक़सद हैं इंसान होने का। वैसे तो बहुत शिकायतें हैं ख़ुद से मुझे उसमें अगर कुछ ज़िन्दगी से भी करूँ तो ग़लत नहीं होगा।
जसमीन की डाइअरी के कुछ पन्ने ही पढ़े मैंने। अनुराग हिमा हो ख़ुश होकर बताता हैं। कितना कुछ छुपाए हैं वो अपने अंदर। शायद मेरे लिए प्यार भी। तुझे उसकी डाइअरी में तेरे लिए भी लिखा कोई लव लेटर मिल गया क्या जो इतना ख़ुश हैं। हिमा हँसते हुए अनुराग से सवाल करती हैं। नहीं यार काश ऐसा होता हैं, शायद हो भी सकता हैं क्योंकि मैं कुछ ही पन्ने पढ़ सका। क्या पता आगे मेरे लिए लवलेटर ना सही प्यार के कुछ अल्फ़ाज़ ही होते। आगे पढ़ता तूने मुझे कॉल कर दिया की वो आ रही हैं।तुझसे मेरी ख़ुशी बर्दाश्त नहीं हुई ना। अनुराग मुस्कुराते हुए हिमा को कॉमेंट करता हैं। हिमा ग़ुस्से से उसको बुक मारती हैं, सच कह रहा हैं। मुझसे तेरी ख़ुशी बर्दाश्त नहीं होती। तुझे कॉल नहीं करना चाहिए था।वो जसमीन को आने देना चाहिए था। तब शायद मुझे ख़ुशी होती उसे पता चलता तू उसके कमरे में क्या करने गया था। यार तू ही तो हैं जो उसके लिए मेरा प्यार समझती हैं, ग़ुस्सा ना हो चल कैंटीन तुझे कोल्डड्रिंक पिलाता हूँ।

हिमा, कोई उसे आवाज़ पीछे से आवाज़ देता हैं। दोनों पीछे देखते हैं, जसमीन उनकी तरफ़ आ रही होती हैं। (हिमा जसमीन की बचपन की दोस्त और हॉस्टल में उसकी रूममेट हैं।)
कहाँ जा रहे हो तुम दोनों तू सुबह से ग़ायब हो। लेक्चर में भी नहीं थे। कुछ हुआ हैं क्या।अनुराग कुछ बोले हिमा जल्दी से जवाब देती हैं। अनुराग पार्टी दे रहा हैं। जसमीन हैरान होकर अनुराग की तरफ़ देखती हैं। पार्टी किस बात की आज तो ना इसका जन्मदिन हैं, ना तेरा फिर ख़ुशी में जनाब पार्टी दे रहे हैं। इसे प्यार हो गया हैं, हिमा बहुत ख़ुश होते हुए। प्यार कब किससे जसमीन चौंककर अनुराग से सवाल पूछती हैं। हिमा अनुराग को कुछ बोलने नहीं देती, उसका हाथ दबा देती हैं। बस हो गया कैसे किससे क्या करेगी जानकर पार्टी एंजॉय कर। अनुराग हिमा की तरफ़ बहुत ग़ुस्से से देखता हैं। चलो कैंटीन चले फिर मुझे भूख भी लग आयी। ये पार्टी का बेस्ट टाइम हैं। हिमा दोनो को चलने का इशारा करती हैं। जसमीन अनुराग की तरफ़ देखती हैं बहुत अजीब उदास नज़रों से देखती हैं। जैसे बहुत कुछ पूछना चाहती हो।

कैंटीन:
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सब कैंटीन पहुँचते हैं। हिमा ऑर्डर देने के लिए चली जाती हैं। जसमीन और अनुराग हमेशा की तरह अपनी कॉर्नर की टेबल पर बैठ जाते हैं। दोनो चुप एक दूसरे को देखते हैं। पर नज़र नहीं मिला पा रहे। तभी हिमा अरे यार तुम दोनो इतने चुप कैसे। क्या हो गया सब ठीक हैं ना। जसमीन ये अनुराग, अनुराग ये जसमीन हैं। अब तुम दोनो एक दूसरे को पहचान ही गए होंगे। हिमा बहुत ज़ोर से हँसती हैं। जसमीन फिर भी कुछ नहीं बोलती। अनुराग जसमीन तुम क्या लोगी। हिमा तो अपना ऑर्डर दे चुकी तुम भी बता दो। कुछ भी नहीं जसमीन बहुत ग़ुस्से से अनुराग को जवाब देती हैं। यार तुम्हें क्या हुआ, थोड़ी देर पहले तक तो ठीक थी। अचानक इतना ग़ुस्सा क्यों?
अनुराग मुस्कुराते हुए जसमीन से सवाल करता हैं।

जसमीन- अब ग़ुस्सा भी ना करूँ, तुम किसी को प्यार करते हो, पार्टी दे रहे हो। मुझे अभी तक कुछ बताया भी नहीं। तुम मुझे दोस्त नहीं मानते ना।

अनुराग- तुम्हें बताने ही वाला था, पर समय ही नहीं मिला। तुम्हें बताने ही वाले थे आज। तब तक तुम ख़ुद आ गयी। हिमा की बच्ची ने मुझे कुछ कहने नहीं दिया।मैं प्यार करता हूँ, पर वो करती हैं या नहीं अभी कुछ नहीं पता।

तुझे कोई कैसे ना कर सकती हैं। क्यों जसमीन? हिमा अनुराग को आँख मारती हैं। हाँ, तू सही कह रही हैं,जसमीन बहुत धीरे से जवाब देती हैं। जैसे उसकी हाँ भी बहुत राज छिपाए हो।
अनुराग कैसी दिखती हैं वो, क्या नाम हैं? क्या हमारे कॉलेज में? हमारी स्ट्रीम में या किसी और में? Junior या सीन्यर हैं?
जसमीन आराम से इतने सवाल लड़का पागल हो जाएगा। इतने सवाल के जवाब ये पूरे साल में देता होगा। जितने तूने एक साथ पूछ लिए। अनुराग और हिमा दोनो हँसने लगते हैं। जसमीन ग़ुस्से से उठकर वहाँ से चल देती हैं। तभी अनुराग उसका हाथ पड़कर उसे रोक लेता हैं।सब लोग उन्हें देखने लगते हैं।
हिमा खड़ी होती हैं, तुझे इसकी gf को देखना हैं तो एक काम करते हैं। आज शाम उसे रेस्ट्रॉंट में बुला लेते हैं। क्यों अनुराग? हिमा अनुराग की तरफ़ सर को हाँ में हिलाती हैं। मुझे नहीं मिलना। जसमीन ग़ुस्से से माना करती हैं। हिमा जसमीन को समझाती हैं कि अनुराग हमारा दोस्त हैं इसलिए उन्हें एक बार लड़की को मिल लेना चाहिए।कहीं लड़की अच्छी ना हुई चालू हुई तो वो अपने दोस्त को बचा लेंगी। जसमीन मान जाती हैं, लेकिन हम ज़्यादा देर नहीं रुकेंगे। हिमा हाँ कर देती हैं। अनुराग तो बुला ले शाम को हम भी तो देखें कैसी हैं।उसके बाद उसको प्रपोज़ करना। समझा…. अनुराग को कुछ समझ नहीं आता पर वो हिमा के इशारे देख हाँ कर देता हैं।
मेरा लेक्चर हैं और लाइब्रेरी में बुक भी लौटनी हैं मैं चलती हूँ। जसमीन वाम से चली जाती हैं। जसमीन के जाते ही अनुराग हिमा के बाल खींचता हैं। जिससे वो एक दम चिल्ला जाती हैं। एक बार फिर सबक़ लोग दोनो को देखने लगते हैं।
अनुराग हिमा को कैंटीन के बाहर ले आता हैं। उससे ग़ुस्से से पूछता हैं, कि उसने जसमीन को वो सब झूठ क्यों कहा। वो जानती हैं कि वो लड़की जसमीन हैं उसके बाद भी उसने जसमीन के सामने किसी और लड़की की बात क्यों कही।
अनुराग तू पागल हैं। तुझे मुझे थैंक्स कहना चाहिए तेरी date फ़िक्स करने के लिए तू मुझ पर ग़ुस्सा किए जा रहा हैं। सच कहते हैं लोग नेकि कर दरिया में डाल।
अनुराग ग़ुस्से से- क्या नेकि कौनसी डेट… लड़की कहाँ से लाऊँ। बहुत अच्छी नेकि की हैं। मन तो कर रहा हैं तुझसे बात ना करूँ।

हिमा…उसे शांत करती हैं, तू मेरी बात ध्यान से सुन। तुझे याद हैं, तूने कहा था वो तेरे साथ बाहर जाने के लिए हाँ नहीं करती। तू उसे कही बाहर फ़िल्मी स्टाइल में प्रपोज़ करना चाहता हैं।
अनुराग- हाँ, तो….
हिमा हँसते हुए…बेवक़ूफ़ मैंने तेरा काम कर दिया। तू बस मेरी पार्टी और उसे प्रपोज़ करने की तैयारी कर ले।
अनुराग…वो कैसे? वो तो मेरी gf से मिलने आ रही हैं ना। तो पूछेगी नहीं वो कहाँ हैं। तू भी तो होगी।
हिमा ग़ुस्से से- तू इतना पागल हैं, या सिर्फ़ मेरे सामने बनता हैं। तू बस ये सोच वो लड़की जिसे तू प्यार करता हैं। वो तेरे साथ जा रही हैं। उसे कैसे प्रपोज़ करेगा जो वो तुझे कुछ पूछ ही ना पाए और हाँ कर दे। मेरी वजह से परेशान मत हो। मैं कबाब में हड्डी नहीं बनूँगी। उसे तेरे साथ छोड़कर किसी बहाने से बाहर चली जाऊँगी। जब तू उसे प्रपोज़ करले और कोई प्रॉब्लम हो तो मुझे कॉल कर देना में आ जाऊँगी। कैसा लगा idea?
Super yaar…. अनुराग बहुत ख़ुश होता हैं। पर यार तुझे क्या लगता हैं वो मानेंगी।
हिमा- अच्छा सोच, मुझे तो लगता हैं बाक़ी तेरे और जसमीन पर।बाक़ी का खुदा पर।
अनुराग-great…चल मैं चलता हूँ, तैयारी भी करनी हैं। बहुत काम हैं, तुझे पहुँच कर address text करता हूँ। थैंक्स यार।वहाँ से चला जाता हैं।

हॉस्टल रूम:
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हिमा हॉस्टल का कमरें में- जसमीन वहाँ ख़ुद से बातें कर रही हैं। जसीमन तू ठीक हैं ना? ख़ुद से क्या बातें कर रही हैं।
यार शाम को जाना हैं ना। मेरे पास एक भी अच्छी ड्रेस नहीं हैं। हिमा हँसती हैं। तू तो माना कर रही थी जाने के लिए। अब मैडम ड्रेस चूज़ कर रही हैं। क्या बात हैं? सब खेरियत तो हैं।लगता हैं, मैडम का दिल भी काम करने लगा हैं। कैंटीन में भी कुछ जलने की बदबू आ रही थी। तब तो अनुराग था इसलिए कुछ नहीं कहा।अब कमरे में भी धुआँ उठता दिख रहा हैं।

ऐसी ही कुछ भी…. जसमीन नज़रें चुराते हुए जवाब देती हैं।
हिमा मुस्कुराते हुए- ओह! ये नज़ाकत ये शर्म। देख तो गाल कैसे ब्लश कर रहे हैं।
तभी हिमा का मोबाइल बजता हैं, अनुराग…. जसमीन के चेहरे पर एक अलग सा ही ग़ुस्सा आ जाता हैं।
उसने कॉलेज के पास जो मॉल हैं, वहीं बुलाया हैं शाम 6 बजे। अभी 4 बजे हैं बहुत टाइम हैं।तब तक तू सोच ले क्या पहनेगी। हिमा कहते हुए…बाथरूम में चली जाती हैं।

जसमीन- हिमा तूने कभी देखा हैं क्या उस लड़की को, कैसी दिखती हैं।

हिमा- नहीं, पर अनुराग बता रहा था सुंदर हैं। तू टेन्शन मत ले आज देखने जा तो रहे हैं। जल्दी तैयार हो जा बस।

Restaurant:
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हिमा और जसमीन मॉल पहुँचती हैं। हिमा अनुराग को कॉल करती हैं। बताती हैं, हम पहुँच गए हैं।अनुराग दोनों को restaurant में साथ लेकर जाता हैं।
जसमीन- तुम्हारी gf नहीं आयी क्या अभी तक? कब तक आएगी ।
अनुराग जसमीन को ही देखता रहता हैं, उसने वही वाइट पिंक कड़ाई वाला सूट पहना हैं। जिसमें उसने इसे पहली बार देखा था।
हिमा खाँसती हैं, जिससे अनुराग एक दम से ख़्यालों से बाहर आता हैं। अनुराग जसमीन कुछ पूछ रही हैं। क्या पूछ रही है, ख़ुद को सम्भालते हुए।
हिमा इशारे से… अनुराग gf कहाँ हैं…..?
अनुराग मुस्कुराते और आवाज़ को संभालकर- वो आ गयी हैं, बस washroom गयीं हैं। तुम्हें पता हैं ना लड़कियों का makeup। जसमीन और हिमा उसे ग़ुस्से से देखती हैं।
सॉरी भूल गया था, ऐसे भी मत देखो….अनुराग वेटर को इशारा करता हैं।
यार मुझे भी washroom जाना हैं, इसकी gf मिल गयी तो ले आऊँगी।हिमा वहाँ से चली जाती हैं।
तभी अनुराग भी मोबाइल लेकर अभी आया कहकर वहाँ से बात करता हुआ चला जाता हैं। जसमीन अकेले बैठी हैं, तभी मोबाइल पर अनुराग का message आता हैं। उसे खोलती हैं,
"वैसे तो तुमसे कहना बहुत कुछ हैं, पर अपने दिल की बात अपने जज़्बात कुछ यूँ ज़ाहिर कर रहा हूँ। आगे बात सामने आकर करना चाहता हूँ। अगर तुम ख़ाली message भेजोगी तो मैं चुपचाप चला जाऊँगा।reply हाँ में करोगी तो सामने आऊँगा।"
जसमीन के चेहरे पर दबीं सी ख़ुशी हैं, वो चारों तरफ़ देखती हैं।उसे अनुराग और हिमा कहीं नज़र नहीं आते।
जसमीन text…."हाँ, अब जल्दी सामने आओ। मुझे बहुत अजीब लग रहा हैं" मुझे सब समझ आ गया, हिमा को भी साथ लेकर आना।"
वेटर एक गिफ़्ट और कॉर्ड जसमीन की टेबल पर रखकर चला जाता हैं। वो कुछ बोलती तब तक वेटर दिखता जा चुका होता हैं।
अनुराग text- "Thankyou baby…Please open the card and than open the gift"
Jasmine- ohk…when you will come? I am waiting…☺️
वो पहले कॉर्ड पढ़ती हैं, जिसमें उसके लिए काफ़ी शायरी लिखी होती हैं। वो देखकर ख़ुश होती हैं।
गिफ़्ट खोलती हैं, जिसमें उसके नाम की डाइअरी और पेन होता हैं। वो देखकर बहुत ख़ुश हो जाती हैं।
जैसे ही सामने देखती हैं, अनुराग और हिमा उसे ही देख रहे होते हैं। तुम दोनो कब आए? जब तुम कॉर्ड के शब्दों में खोयीं हुई थीं। डाइअरी पर अपने अरमानो को सजों रही थीं।
जसमीन शर्मा जाती हैं और कुछ नहीं कहती हैं।
हिमा अनुराग से- तू यहाँ या कर रहा हैं। अभी भी में ही बोल दूँ सब या तू भी कुछ बोलेगा।वो लड़की जिसे तू प्यार करता हैं। अब सामने हैं बोल दे।
अनुराग- क्या तुम मुझे प्यार करती हो। प्लीज़ ना मत बोलना। एक बार हाँ बोल दो। मैं तुम्हें कभी परेशान नहीं करूँगा। मेरी ज़िन्दगी में तुम्हारा होना मेरी साँसों जितना ज़रूरी ना जाने कब हो गया। तुम कैसे भी रहो बस ज़िन्दगी का हिस्सा रहो। अगर तुम प्यार नहीं करती तो भी मैं हमेशा तुम्हें ऐसे ही चाहूँगा। दोस्त तो हमेशा रहोगी।
जसमीन- हिमा शायद किसी को reply करने से समझ नहीं आया था। मेरा जवाब….हिमा हँसती हैं…यार क्यों बेचारे को परेशान कर रही हैं। हाँ बोल भी दे कितने प्यार से प्रपोज़ किया हैं।
जसमीन- अनुराग मैं भी तुम्हें ज़िन्दगी का हिस्सा चाहती हूँ। तुम्हें कबसे चाहती हूँ।अगर अब किसी और लड़की का नाम लिया तो मार दूँगी।
तभी lights चली जाती हैं। वेटर cake लेकर आता हैं और हर तरफ़ सिर्फ़ मोमबत्तियों की रोशनी होती हैं।
अनुराग- जसमीन I love you….
Love you too anurag…जसमीन की आँखों से आँसू आने लगते हैं।
लाइट्स ऑन होती हैं, अनुराग हिमा चौंककर उससे पूछते हैं। तुम रो क्यों रहीं हो। जसमीन आँसू पोंछते मुस्कुराते हुए जवाब देती हैं। आज तक किसी ने इतना नहीं किया।कबसे wait था इस दिन का। मुझे तो लगा था मैंने तुम्हें खो ही दिया।Thankyou Anurag….
हिमा अब ख़ुश हो जा। अब ये तेरा ही हैं।
सब ख़ुश हो जाते हैं, वेटर dinner serve करता हैं।अनुराग और हिमा जसमीन को कामेंट्स करने लगते हैं।

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Deepti Singh
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I'm Deepti Singh from Mathura. A passionate Writer by luck model and a professional software engg. "Jindagi ki kitab ka har ek panna tumhari nayi kahaani hai"
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